
मेरे दिल में मोहब्बत का चिराग तुम्हें तोहफा हमारा है,
पर गुजर करना जिंदगी इस लौ में, काम तुम्हारा है।
मौत जो दे आवाज़ कभी, संग जाना फर्ज़ हमारा है,
पर हमें जिंदा रखना ख्यालों में, काम तुम्हारा है।
तुमसे मिलने आते रहेंगे, पक्का वादा हमारा है,
पर हमें ढूंढना यादों के काफिलों में, काम तुम्हारा है।
बन खुशबू महकेंगे किसी गुल में, यह इरादा हमारा है,
पर हमें पहचान पाना फूलों में, काम तुम्हारा है।
दर्दे जुदाई सह नहीं सकते, गहरा यह दर्द हमारा है,
नजदीकियों को लाना फसलों में, काम तुम्हारा है।
मेरे दिल में मोहब्बत का चिराग, तुम्हें तोहफा हमारा है,
पर गुजऱ करना जिंदगी इस लौ में, काम तुम्हारा है।
रचयिता – सलोनी चावला