फोटो-पलवल के गांधी आश्रम में उपवास एवं धरना-प्रदर्शन करते कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान, विधायक इसराईल, मोहम्मद बिलाल व केकेसी के राष्ट्रीय वाईस चेयरमैन संजय गाबा व अन्य।
जिला कांग्रेस पलवल ने मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत गांधी आश्रम में रखा उपवास एवं धरना-प्रदर्शन
देशपाल सौरोत/ब्यूरो रिपोर्ट
पलवल, 11 जनवरी। मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में पलवल के ऐतिहासिक महात्मा गांधी सेवा आश्रम प्रांगण में एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने की जबकि इस मौके पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, हथीन के विधायक इसराईल चौधरी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव मोहम्मद बिलाल उटावड, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के राष्ट्रीय वाईस चेयरमैन संजय गाबा व प्रेम दलाल आदि विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर जहां भाजपा सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई वहीं रघुपति राघव राजा-राम, पतित पावन-सीता राम व दे दी हमें आजादी बिना खडक बिना ढ़ाल, सागरमति के संत तूने कर दिया कमाल.. के गीत गुनगुनाए गए। कार्यक्रम में जिले भर से आए काफी संख्या में कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे।
मनरेगा को खत्म कर गरीबों के हक पर डाका डाल रही सरकार: नेत्रपाल अधाना
इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से कांग्रेस ने गरीबों को न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी दी थी, लेकिन भाजपा सरकार नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव कर इस गारंटी को खत्म करने का ताना-बाना बुन रही है, यह पूरी तरह से गरीब-विरोधी सोच का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा कमजोर हुई तो इसका सीधा असर ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और महिलाओं पर पड़ेगा, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का था और मनरेगा उसी सोच का सशक्त माध्यम था लेकिन आज भाजपा सरकार द्वारा गांव, गरीब, किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के चलते मनरेगा जैसे काम के अधिकार पर हमला किया जा रहा है तथा महात्मा गांधी के नाम को हटाने की सोच भी उसी मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और मनरेगा को खत्म करने या कमजोर करने की किसी भी कोशिश को लोकतांत्रिक तरीके से रोका जाएगा और हम मनरेगा को कमजोर करने या खत्म करने के हर प्रयास का डटकर विरोध करते रहेंगे और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
कांग्रेस ने मनरेगा शुरू कर ग्रामीण गरीबों को सुनिश्चित रोजगार की गारंटी, भाजपा ने छीनी: उदयभान
वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर के साथ-साथ इसकी आत्मा को ही मार दिया है। इस योजना ने ग्रामीण गरीबों को सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीन रही है भाजपा: संजय गाबा
इनके अलावा असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के राष्ट्रीय वाईस चेयरमैन संजय गाबा ने कहा कि क्योंकि इस नए नियम में भाजपा मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीन रही है, जबकि कांग्रेस सरकार में हर परिवार को न्यूनतम 100 दिनों के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी। कोविड महामारी और आपदा के कठिन समय में भी मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हुई। भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला है।
मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला: इसराइल चौधरी
वहीं हथीन के विधायक इसराईल चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के दावों के बीच ज़मीनी सच्चाई यह है कि लोगों के हाथों से काम छीना जा रहा है और रोजगार की गारंटी को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है।
भाजपा का गरीब विरोधी चेहरा उजागर: बिलाल
कांग्रेस के पूर्प प्रदेश महासचिव मोहम्मद बिलाल उटावड ने मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मनरेगा कमजोर हुई तो इसका सीधा असर ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और महिलाओं पर पड़ेगा, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का गरीब विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। कांग्रेस इसके विरूद्व गांव स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगी।
ये भी रहे मुख्यरूप से मौजूद
इस मौके पर पूर्व पार्षद भूपेन्द्र नौहवार, महेन्द्र इरफान व डॉ. यशपाल मावई, संतराम मेघवाल, देवेश कुमार, बीरी पहलवान, सतीश मंडौतिया, राहित खान, प्रिंस तंवर, होराम कसाना, चौहान पाल पंच ज्ञान सिंह चौहान, सुरेश चौहान, महेन्द्र सौरोत बंचारी, देवदत्त सैक्ट्री, सुगर चंद आदि अनेकों कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

